WHO का बड़ा दावा; अगले कई दशकों तक नहीं जाने वाली कोरोना महामारी। खुद ही अपनाने होंगे सुरक्षित रहने वाले कदम

हम लोग पिछले कई महीनों से या देखते आ रहे हैं कि कोरोना महामारी इस विश्व से जाने का नाम ही नहीं ले रही।इस पर कई भविष्यवाणियां भी की गई कि कोरोना महामारी इस समय तक दुनिया से लुप्त हो जाएगा लेकिन अब इस भविष्यवाणी की होड़ में डब्ल्यूएचओ ने भी अपने कदम पसार लिए हैं। अब डब्ल्यूएचओ की तरफ से उनके डायरेक्टर जनरल तेडरोस ने बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि अगले कई दशकों तक यह महामारी लोगों को होती रहेगी और हम सबको इसी के साथ जीना होगा।

WHO का बड़ा दावा

टेडरोज ने बताया कि ‘ ‘कई देश जो मानते थे कि उन्होंने कोरोना को पीछे छोड़ दिया है, अब नए मामलों से जूझ रहे हैं. कुछ ऐसे देश जो शुरुआत में वायरस के कम प्रभावित हुए थे, अब वहां हालात चिंताजनक बने हुए हैं’. उन्होंने आगे कहा कि वैक्सीन को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है, लेकिन अब हमें वायरस के साथ जीना सीखना होगा और जो कुछ भी हमारे पास है उससे इसका मुकाबला करना होगा.’

उन्हें ने आगे कहा ‘घेब्येयियस ने कहा, ‘कई वैज्ञानिक प्रश्नों को हल कर लिया गया है और कई के जवाब दिए जा रहे हैं. सीरोलॉजी अध्ययन के शुरुआती परिणाम एक सुसंगत तस्वीर पेश कर रहे हैं. दुनिया के अधिकांश लोग इस वायरस के प्रति संवेदनशील हैं. इस तरह की महामारी सदियों में एक बार होती है और इसका प्रभाव हमें आने वाले दशकों तक महसूस होगा’.कोरोना वायरस को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल (Global Health Emergency) या पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ़ इंटरनेशनल कंसर्न (PHEIC) घोषित करने के बाद WHO की यह चौथी बैठक थी.’

वैसे इस बार डब्ल्यूएचओ के इस बयान को गंभीरता से लेना जरूरी समझा जाना चाहिए क्योंकि हमने यह पाया है कि आज तक किसी भी महामारी से इतनी जल्दी राहत नहीं मिल पाई है। आपको हम बता दें कि उन्नीस सौ अस्सी और नब्बे के दशक में खेल रहे एड्स और एचआईवी जैसे वायरस का भी आज तक कोई भी व्यक्ति नहीं बनाया जा सका और आज कई लोग उसके कारण अपनी जान गवा ते हैं। हालांकि इन वायरस को आए काफी दिन हो गए तो वह हमें इनकी खबर आनी बंद हो गई।लेकिन हम सब को यह नहीं भूलना चाहिए कि आज भी लोग इससे जान गवाते हैं। ऐसे ही भविष्य में हम लोग कोरोना वायरस को लेकर चर्चा बंद कर देंगे और आगे की राह पर चलने की कोशिश करेंगे।

गौरतलब है कि चीन से वुहान से निकले इस वायरस ने पूरी दुनिया में कहर बरपाया हुआ है. स्वास्थ्य संकट के साथ ही अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्थाएं पटरी से उतर गई हैं. यूरोप में सकल घरेलू उत्पाद में 12.1 प्रतिशत और यूनियन ब्लॉक में 11.9 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. कोरोना से अब तक 17 मिलियन से ज्यादा लोग संक्रमित हैं. जबकि 675,000 के आसपास लोगों की मौत हुई है.

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