जानें इस खास दिन के बारे में, कैसे हुई थी शुरुआत

 

नई दिल्ली। सबसे पहले हम बात करते है इमोजी शब्द की, आपके मन में कभी न कभी ना तो इसको इस्तेमाल करते हुए ख्याल आया होगा कि ये शब्द किसने बनाया और इसका मतलब क्या है? तो हम आपको बताते हैं इसका मलतब। इमोजी यानी कुछ ऐसे आइकन, जो भावनाओं का संकेत होते हैं, जिनके जरिए आप अपने जज्बातों को बयान करते हैं। 17 जुलाई को विश्व इमोजी दिवस मनाया जाता है।

पहला इमोजी दिवस साल 2014 में बनाया गया था। इस हिसाब से इस बार इस दिवस की सातवीं सालगिरह है। हालांकि इसकी शुरुआत काफी पहले हुई थी। जापान के डिजाइनर शिगेताका कुरीता ने साल 1999 में ही इमोजी का सेट तैयार किया था।

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी में इमोजी पाठ्यक्रम के रूप में शामिल

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी में इमोजी पाठ्यक्रम के रूप में शामिल है। इस खास दिवस की शुरुआत आज ही के दिन साल 2014 में हुई थी, जब जेरेमी बर्ज ने इमोजीपीडिया की शुरुआत की थी। इमोजी का उपयोग 1990 के दौर में शुरू हो चुका था और सबसे पहले एप्पल ने इन्हें अपने आईफोन के की बोर्ड में शामिल किया था। आज न केवल ईमेल बल्कि व्हॉट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर स्टेटस या फिर चैट के लिए इमोजी हमारी दुनिया का हिस्सा बन चुका है।

दुनियाभर में रोज पांच अरब से ज्यादा यूज होती है इमोजी 

दुनियाभर में रोजाना पांच अरब से ज्यादा इमोजी यूज होती है। इमोजी हमारे लिए अपने प्यार, गुस्से, डर और खुश होने का बेहतरीन जरिया बन चुके हैं। लोग अपनी भावनाओं को इमोजी के जरिए व्यक्त करते हैं। आपको बोलकर या लिखकर जवाब देने का मन न हो तो इमोजी आसान माध्यम बनता है। खासकर चैटिंग के दौरान, जब दो लोग आमने-सामने न हों तो उस दौरान इमोजी खुद को एक्सप्रेस करने का जरिया होता है।

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